Samay Ka Sadupyog Par Essay

समय कीमती है और हर किसी के लिए अमूल्य है, इसलिए हमें कभी समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। हमें सकारात्मक ढंग से सही तरीके से समय का उपयोग करना चाहिए। हमें अपने बच्चों को बचपन से ही समय के महत्व या मूल्य के बारे में बताना चाहिए। आप बच्चों को समय की महत्ता या समय का मूल्य समझाने के लिए इस तरह के साधारण और सरल भाषा में लिखे गए समय के मूल्य पर निबंध या समय के महत्व पर निबंध का प्रयोग कर सकते हैं। हम स्कूल के विद्यार्थियों के प्रयोग के लिए भी बहुत से समय के मूल्य पर निबंध या समय के महत्व पर निबंध उपलब्ध करा रहे हैं।

समय के मूल्य पर निबंध या समय के महत्व पर निबंध (वैल्यू ऑफ़ टाइम एस्से)

Get here some essays on Value of Time in Hindi language for students in 100, 150, 200, 250, 300, and 400 words.

समय के महत्व पर निबंध 1 (100 शब्द)

समय धन से भी ज्यादा कीमती है; क्योंकि यदि धन को खर्च कर दिया जाए तो यह वापस प्राप्त किया जा सकता है हालांकि, यदि हम एक बार समय को गंवा देते हैं, तो इसे वापस प्राप्त नहीं कर सकते हैं। समय के बारे में एक सामान्य कहावत है कि, “समय और ज्वार-भाटा कभी किसी की प्रतीक्षा नहीं करते हैं।” यह बिल्कुल पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व की तरह ही सत्य है, अर्थात्, जिस तरह से पृथ्वी पर जीवन का होना सत्य है, ठीक उसी तरह से यह कहावत भी बिल्कुल सत्य है। समय बिना किसी रुकावट के निरंतर चलता रहता है। यह कभी किसी की प्रतिक्षा नहीं करता है।

इसलिए, हमें जीवन के किसी भी दौर में कभी भी अपने कीमती समय को बिना किसी उद्देश्य और अर्थ के व्यर्थ नहीं करना चाहिए। हमें हमेशा समय के अर्थ को समझना चाहिए और उसी के अनुसार, इसे सकारात्मक ढंग से कुछ उद्देश्यों की पूर्ति के लिए इसका प्रयोग करना चाहिए। हमें इससे निरंतर कुछ ना कुछ सीखते रहना चाहिए यदि यह बिना किसी रुकावट के चलता रहता है, तो फिर हम ऐसा क्यों नहीं कर सकते।

समय के महत्व पर निबंध 2 (150 शब्द)

समय हम सभी के लिए अमूल्य है। हमें समय की प्रत्येक छोटी सैकेंड का मूल्य समझने के साथ ही इसके महत्व का सम्मान करना चाहिए। हमें जीवन के अन्त तक समय के एक पल को भी बर्बाद नहीं करना चाहिए। समय इस संसार में सभी से बहुत ही ताकतवर और शक्तिशाली है। यह एक आलसी व्यक्ति को नष्ट कर सकने के साथ ही कठिन परिश्रम करने वाले व्यक्ति को ताकत देता है। यह किसी को भी बहुत सी खुशियाँ, आनंद और समृद्धि देता है हालांकि, यह किसी का सबकुछ छीन भी सकता है।

हमें हर पल समय से नियमितता, निरंतरता और प्रतिबद्धता सीखनी चाहिए। यह बिना किसी अवरोध के निरंतर चलता रहता है। हमें भी जीवन में वास्तविक सफलता प्राप्त करने के लिए समय के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने की कोशिश करनी चाहिए। इसके बारे में सही कहा जाता है कि, “यदि हम समय को बर्बाद करेंगे तो समय हमें और हमारे जीवन को बर्बाद कर देगा।” हमें समय के मूल्य को समझना चाहिए और इसके साथ चलना चाहिए, क्योंकि समय किसी के लिए नहीं रुकता है।

समय के महत्व पर निबंध 3 (200 शब्द)

समय सभी के लिए अनमोल है; समय सभी के लिए निःशुल्क है हालांकि, कोई भी इसे न तो खरीद सकता है और न ही बेच सकता है। कोई या तो समय को बर्बाद कर सकता या फिर इसका सदुपयोग कर सकता है हालांकि, यह सत्य है कि, जो समय को बर्बाद करता है, उसे निश्चित ही समय के द्वारा नष्ट कर दिया जाता है और जो इसका सदुपयोग करता है, निश्चित ही वह समय के द्वारा आशीर्वाद प्राप्त करता है। जो व्यक्ति समय को खो देता है, वह उसे कभी वापस प्राप्त नहीं कर सकता है। यदि हम समय पर भोजन नहीं करेंगे या समय पर अपनी दवाईयाँ नहीं लेगें, तो समय हमारे स्वास्थ्य को नष्ट कर सकता है। समय बहती हुई नदी की तरह होता है, जो लगातार आगे बढ़ता है और कभी वापस नहीं आता।

हमें समय के अनुसार समयनिष्ठ रहना चाहिए और सभी कामों को समय के साथ करना चाहिए। हमें सही समय पर उठना, सुबह पानी पीना, तरोताजा होना, ब्रश करना, नहाना, सुबह का नाश्ता करना, स्कूल जाने के लिए तैयार होना, कक्षा का कार्य करना, दोपहर का खाना, घर आना, गृह कार्य करना, रात को पढ़ना, रात का खाना खाकर सही समय पर सोना चाहिए। यदि हम अपनी दैनिक दिनचर्या को सही समय पर नहीं करेंगे, तो हम जीवन में दूसरे लोगों से पीछे रह जाएगें। यदि हम जीवन में कुछ बेहतर करना चाहते हैं, तो इसके लिए उचित प्रतिबद्धता, लगन और समय के पूरे उपयोग की आवश्यकता है।


 

समय के महत्व पर निबंध 4 (250 शब्द)

समय पृथ्वी पर सबसे कीमती वस्तु है, इसकी तुलना किसी से भी नहीं की जा सकती है। यदि एकबार यह चला जाए, तो कभी वापस नहीं आता। यह हमेशा आगे की ओर सीधी दिशा में चलता है और न कि पीछे की ओर। इस संसार में सब कुछ समय पर निर्भर करता है, समय से पहले कुछ भी नहीं होता है। कुछ भी करने के लिए कुछ समय की आवश्यकता होती है। यदि हमारे पास समय नहीं है, तो हमारे पास कुछ भी नहीं है। समय को नष्ट करना इस पृथ्वी पर सबसे बुरी चीज मानी जाती है क्योंकि, समय की बर्बादी हमें और हमारे भविष्य को बर्बाद करती है। हम कभी भी बर्बाद किए हुए समय को फिर से प्राप्त नहीं कर सकते हैं। यदि हम अपना समय बर्बाद कर रहे हैं, तो हम सब कुछ नष्ट कर रहे हैं।

कुछ लोग समय से ज्यादा अपने धन को महत्व देते हैं हालांकि, सत्य तो यही है कि समय से ज्यादा कीमती कुछ भी नहीं है। यह समय ही है, जो हमें धन, समृद्धि और खुशी प्रदान करता है हालांकि, इस संसार में कुछ भी समय को नहीं दे सकता। समय का केवल उपयोग किया जा सकता है; कोई भी समय को खरीद या बेच नहीं सकता। बहुत से लोग अपना जीवन अर्थहीन ढंग से जी रहे हैं। वे समय का उपयोग केवल अपने दोस्तों के साथ खाने, खेलने या अन्य आलसी क्रियाओं को करने में करते हैं। इस तरह से वे दिन और वर्षों को व्यतीत करते हैं। वे कभी भी नहीं सोचते कि, वे क्या कर रहे हैं, किस तरीके से कर रहें हैं, आदि। यहाँ तक कि, उन्हें गलत तरीके से समय को बर्बाद करने का भी पश्चाताप भी नहीं होता और कभी उसके लिए अफसोस महसूस नहीं करते हैं। अप्रत्यक्ष रुप से, वे अपना बहुत सा धन और उससे भी अधिक महत्वपूर्ण समय खो देते हैं, जिसे वे कभी भी वापस प्राप्त नहीं कर सकते हैं।

हमें दूसरों की गलतियों से सीखने के साथ ही दूसरों की सफलता से प्रेरित होना चाहिए। हमें अपने समय का उपयोग कुछ उपयोगी कामों को करने में करना चाहिए ताकि, हमें समय समृद्धि दे, न कि नष्ट करे।

समय के महत्व पर निबंध 5 (300 शब्द)

एक आम और सही कहावत है कि, “समय और ज्वार-भाटा किसी का इंतजार नहीं करते हैं”, जिसका अर्थ है कि, समय किसी का भी इंतजार नहीं करता है, सभी को समय के साथ-साथ चलना चाहिए। समय आता है और हमेशा की तरह चला जाता है पर कभी भी रुकता नहीं है। समय सभी के लिए निःशुल्क होता है, लेकिन कोई भी इसे कभी भी न तो बेच सकता है, न ही खरीद सकता है। यह अबंधनीय है, अर्थात् कोई भी इसकी सीमा निर्धारित नहीं कर सकता है। यह समय ही है, जो सभी को अपने चारों ओर नचाता है। अपने जीवन में कोई भी न तो इसे हरा सकता है, और न ही इससे जीत सकता है। समय को इस संसार में सबसे ताकतवर वस्तु कहा जाता है, जो किसी को भी नष्ट या सुधार सकता है।

समय बहुत ही शक्तिशाली होता है; कोई भी इसके सामने घुटने टेक सकता है, लेकिन इसे हरा नहीं सकता। हम इसकी क्षमता को मापने में सक्षम नहीं है, क्योंकि कभी-कभी जीतने के लिए एक पल ही काफी होता है और कभी-कभी जीतने के लिए पूरा जीवन लग जाता है। कोई भी एक पल में अमीर हो सकता है और कोई भी एक ही पल में गरीब भी हो सकता है। जीवन और मृत्यु के बीच में अन्तर के लिए केवल एक ही पल काफी होता है। सभी पल हमारे लिए स्वर्णावसर लाते हैं, हमें तो केवल समय के संकेत को समझ कर उसका प्रयोग करने की आवश्यकता है।

हर पल जीवन में नए अवसरों का एक बड़ा भंडार है। इसलिए, हमें इस कीमती समय को जाने नहीं देना चाहिए और हमेशा इसका पूरा उपयोग करना चाहिए। यदि हम समय के मूल्य और संकेत को समझने में देर करते हैं, तो हम अपने जीवन से स्वर्णावसर और सबसे महत्वपूर्ण समय को खो देंगे। यह जीवन का सबसे आधारपूर्ण सत्य है कि, हमें कभी भी अपने स्वर्ण अवसर को अनावश्यक समझते हुए अपने से दूर जाने नहीं देना चाहिए। हमें सकारात्मक और लाभकारी रुप में समय का प्रयोग करते हुए, अपने गन्तव्य तक जाना चाहिए। समय का सदुपयोग करने के उद्देश्य से सभी कामों को सही समय पर करने के लिए समय-सारणी बनानी चाहिए।


 

समय के महत्व पर निबंध 6 (400 शब्द)

समय इस संसार में जीवन में अन्य सभी वस्तुओं यहाँ तक कि, धन से भी अधिक शक्तिशाली और अमूल्य वस्तु है। यदि एकबार कीमती समय चला जाता है, तो यह हमेशा के लिए चला जाता है और लौटकर कभी भी वापस नहीं आता है; क्योंकि यह हमेशा आगे की ओर चलता है और न कि पीछे की दिशा में। यह बिल्कुल सत्य है कि, यदि कोई व्यक्ति समय की अहमियत को नहीं समझता, तो समय भी उस व्यक्ति की अहमियत को नहीं समझता है। यदि हम अपने समय को नष्ट करेंगे, समय भी हमें बहुत बुरी तरह से नष्ट करेगा। यह सत्य है कि, “समय कभी भी किसी की प्रतिक्षा नहीं करता।” एक समय पर, समय केवल एक ही मौका देता है, यदि हम इसे एकबार खो देते हैं, तो इसे कभी भी वापस नहीं पा सकते हैं।

यह बहुत ही आश्चर्यजनक वस्तु है, जिसकी न तो कोई शुरुआत है, न ही कोई अन्त। यह बहुत ही शक्तिशाली वस्तु है, जिसके साथ वस्तुएं जन्म लेती हैं, बढ़ती हैं, घटती हैं और नष्ट हो जाती हैं। इसकी कोई भी सीमा नहीं है, इसलिए यह अपनी ही गति से निरंतर चलता रहता है। हम में से कोई भी जीवन के किसी भी स्तर पर समय पर शासन नहीं कर सकता है। न तो इसकी आलोचना कर सकते हैं और न ही इसका विश्लेषण कर सकते हैं। आमतौर पर, सभी समय के मूल्य और महत्व के बारे में जागरुक होते हैं हालांकि, हम में से बहुत से लोग जीवन के बुरे दौर में अपना धैर्य खो देते हैं और समय नष्ट करना शुरु कर देते हैं। समय किसी के लिए भी नहीं रुकता और न ही किसी के लिए दयालुता दिखाता है।

यह कहा जाता है कि, समय ही धन है हालांकि, इससे हम धन की तुलना समय से नहीं कर सकते हैं क्योंकि, यदि हम धन को एकबार खो देते हैं, तो इसे किसी भी साधन के द्वारा दुबारा प्राप्त कर सकते हैं हालांकि, यदि हमने समय को एक बार खो दिया, तो इसे किसी भी साधन के द्वारा दुबारा प्राप्त नहीं किया जा सकता है। समय धन और ब्रह्माण्ड की अन्य सभी वस्तुओं से ज्यादा कीमती है। हमेशा बदलता हुआ समय, प्रकृति की अनूठी संपत्ति को दिखाता है कि, “बदलाव प्रकृति का नियम है।” इस संसार में सबकुछ समय के अनुसार चलता है। इस संसार में सबकुछ समय के अनुसार बदलता है क्योंकि, समय से कुछ भी स्वतंत्र नहीं है। लोग सोचते हैं कि, जीवन कितना लम्बा है हालांकि, सत्य तो यह है कि, जीवन बहुत ही छोटा है और हमारे पास जीवन में करने के लिए बहुत सी चीजें हैं। हमें अपने जीवन का हरेक पल सही तरीके से और अर्थपूर्ण ढंग से, समय को नष्ट किए बिना उपयोग करना चाहिए।

हमारी दैनिक दिनचर्या; जैसे- स्कूल का कार्य, गृह कार्य, सोने के घंटे, जागने का समय, व्ययाम, भोजन करना आदि योजना अनुसार और समय के अनुसार आयोजित होनी चाहिए। हमें कठिन परिश्रम करने का आनंद लेना चाहिए और कभी भी अपनी अच्छी आदतों को बाद में करने के लिए टालना नहीं चाहिए। हमें समय के महत्व को समझना चाहिए और इसी के अनुसार रचनात्मक ढंग से प्रयोग करना चाहिए, ताकि हम समय से धन्य हो न कि नष्ट हो।


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अनुशासन पर निबंध

समय अनमोल है।

या

समय का सदुपयोग

समय चक्र की गति बड़ी अदभुद है। इसकी गति में अबादता है। समय का चक्र निरंतर गतिशील रहता है रुकना इसका धर्म नहीं है।

“मैं समय हूँ
मैं किसी की प्रतीक्षा नहीं करता
में निरंतर गतिशील हूँ
मेरा बिता हुआ एक भी क्षण लौट कर नहीं आता है।
जिसने भी मेरा निरादर किया
वह हाथ मल्ता रह जाता है।
सिर धुन- धुन कर पछताता है। “

समय के बारे में कवि की उपयुर्क्त पंक्तियाँ सत्य है विश्व में समय सबसे अधिक महत्वपूर्ण एवं मूल्यवान धन माना गया है। यदि मनुष्य की अन्य धन सम्पति नष्ट हो जाए तो संभव है वह परिश्रम, प्रयत्न एवं संघर्ष से पुनः प्राप्त कर सकता है किन्तु बीता हुआ समय वापस नहीं आता। इसी कारण समय को सर्वाधिक मूल्यवान धन मानकर उसका सदुपयोग करने की बात कही जाती है।

समय कभी किसी की प्रतीक्षा नहीं करता। वह निरंतर गतिशील रहता है कुछ लोग यह कहकर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं कि समय आया नहीं करता वह तो निरंतर जाता रहता है और सरपट भागा जा रहा है। हम निरंतर कर्म करते रहकर ही उसे अच्छा बना सकते हैं। अच्छे कर्म करके, स्वयं अच्छे रहकर ही समय को अच्छा, अपने लिए प्रगतिशील एवं सौभाग्यशाली बनाया जा सकता है। उसके सिवाय अन्य कोई गति नहीं। अन्य सभी बातें तो समय को व्यर्थ गंवाने वाली ही हुआ करती हैं। और बुरे कर्म तथा बुरे व्यवहार अच्छे समय को भी बुरा बना दिया करे हैं।

समय के सदुपयोग में ही जीवन की सफलता का रहस्य निहित है जो व्यक्ति समय का चक्र पहचान कर उचित ढंग से कार्य करें तो उसकी उन्नति में चार चाँद लग सकता हैं। कहते हैं हर आदमी के जीवन में एक क्षण या समय अवश्यक आया करता है कि व्यक्ति उसे पहचान – परख कर उस समय कार्य आरम्भ करें तो कोई कारण नहीं कि उसे सफलता न मिल पाए। समय का सदुपयोग करने का अधिकार सभी को समान रूप से मिला है। किसी का इस पर एकाधिकार नहीं है। संसार में जितने महापुरुष हुए हैं वे सभी समय के सदुपयोग करने के कारण ही उस मुकाम पर पहुंच सके है। काम को समय पर संपन्न करना ही सफलता का रहस्य है।

लोक – जीवन में कहावत प्रचलित है कि पलभर का चूका आदमी कोसों पिछड़ जाया करता है। उस उचित पथ को पहचान समय पर चल देने वाला आदमी अपनी मंजिल भी उचित एवं निश्चित रूप से पा लिया करता है। स्पष्ट है की जो चलेगा वो तो कहीं न कहीं पहुंच पायेगा। न चलने वाला मंजिल पाने के मात्र सपने ही देख सकता है , व्यवहार के स्तर पर उसकी परछाई का स्पर्श नहीं कर सकता। अतः तत्काल आरम्भ कर देना चाहिए। आज का काम कल पर नहीं छोड़ना चाहिए। अपने कर्तव्य धर्म को करने से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। कोई कार्य छोटा हो या बड़ा यह भी नहीं सोचना चाहिए। वास्तव में कोई काम छोटा या बड़ा नहीं हुआ करता है। अच्छा और सावधान मनुष्य अपनी अच्छी नीयत, सद्व्यवहार और समय के सदुपयोग से छोटे या सामान्य कार्य को भी बड़ा और विशेष बना दिया करता है।

विश्व के आरम्भ से लेकर आज तक के मानव जो निरंतर रच रहा है, वह सब समय के सदुपयोग के ही संभव हुआ और हो रहा है। यदि महान  कार्य करके नाम यश पाने वाले लोग आज भी आज – कल करते हुए हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते तो जो सुख आनंद के तरह – तरह के साधन उपलब्ध हैं वे कतई और कभी न हो पाते। मनुष्य और पशु में यही तो वास्तविक अंतर और पहचान है कि मनुष्य समय को पहचान उसका सदुपयोग करना जनता है , जबकि पशु – पक्षियों के पास ऐसी पहचान – परक और कार्य शक्ति नहीं रहा करती।

मानव जीवन नहीं के एक धरा के सामान है जिस प्रकार नदी की धरा अबाध कटी से प्रवाहित होती रहती है ढीक उसी प्रकार मानव – जीवन की धरा भी अनेक उतर – चढ़ावों के गुजरती हुई गतिशील रहती है। प्रकर्ति का कण – कण हमें समय पालन की सीख देता है। अतः मनुष्य का कर्तव्य है जो बीत गया उसका रोना न रोये अर्थात वर्तमान और भविष्य का ध्यान करें इसलिए कहा है – बीती ताहि बिसर दे आगे की सुधि लेई ‘

एक – एक सांस लेने का अर्थ है समय की एक अंश कम हो जाना जीवन का कुछ छोटा होना और मृत्यु की और एक – एक कदम बढ़ाते जाना। पता नहीं कब समय समाप्त हो जाये और मृत्यु आकर साँसों का अमूल्य खजाना समेत ले जाये। इसलिए महापुरुषों ने इस तथ्य को अच्छी तरह समझकर एक सांस या एक पल को न गवाने की बात कही है। संत कबीर का यह दोहा समय के सदुपयोग का महत्व प्रतिपादित करने वाला है।

” काल्ह करे सो आज कर, आज करे सो अब।
पल मैं परले होयेगी, बहुरि करोगे कब। “

May 27, 2017evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages5 CommentsHindi Essay, Hindi essays

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